सिमरी के लाल की जिद ने किया कमाल, झुका प्रशासन !


जिले के सिमरी बख्तियारपुर में बीते जनवरी महीने से एफआईआर कराने के लिए इंसाफ की लड़ाई लड़ रहे सिमरी निवासी रोहित को आखिरकार लगभग तीन महीने बाद इंसाफ मिला.बीते 23 अप्रैल को बख्तियारपुर थाना में रोहित की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया.हालांकि इससे पूर्व रोहित से थाना द्वारा एक और आवेदन लिखवाया गया.बख्तियारपुर थानाध्यक्ष रणवीर कुमार ने इस केस का जिम्मा एसआई पंकज कुमार को दिया गया है.
सिमरी निवासी है रोहित
सिमरी बख़्तियारपुर अंतर्गत द्वारिका निवासी अरुण मिस्त्री का पुत्र रोहित कुमार गरीब परिवार से जुड़े होने की वजह से छोटे - छोटे बच्चों को ट्यूशन पढा कर हो रही थोड़ी - बहुत कमाई से अपनी जिंदगी के पहिये को धीरे - धीरे आगे बढ़ा रहा था.रोहित अपनी जमा पूंजी के एसबीआई के खाते में रखता था और जरूरत के वक्त निकाल लेता था.बीते 25 जनवरी को सुबह आठ बजकर तीन मिनट पर रोहित के एसबीआई एकाउंट से अवैध रूप से 23 हजार रुपया निकाल लिया गया.पीड़ित रोहित ने बताया कि जिस वक्त खाता से पैसा निकाला गया उस वक़्त मेरा एटीएम मेरे पास ही था.पैसे निकलने का मैसेज भी मेरे मोबाइल पर आया.पीड़ित रोहित ने बताया कि उसका पैसा पटना स्थित एक एटीएम से निकाला गया.पैसे निकाले जाने के बाद तुरन्त मैने अपना कार्ड ब्लॉक करवाया.रोहित ने बताया कि जालसाजों द्वारा मेरे एकाउंट से जो पैसे निकाले गए वह मेरे जीवन की अबतक की जमापूंजी थी.
बख़्तियारपुर थाना ने नही लिया था आवेदन
सिमरी निवासी रोहित कुमार के एकाउंट से 23 हजार रुपया निकाल लिए जाने के बाद पीड़ित रोहित ने बख़्तियारपुर थाना पहुंच अवैध तरीके  से पैसे निकाले जाने की शिकायत की थी.रोहित बताते है कि आवेदन देने पर पर बख़्तियारपुर थानाध्यक्ष ने मामला साइबर क्राइम से जुड़ा बताते हुए कहा कि हम एफआईआर नही ले सकते.सिर्फ जानकारी के तौर पर मुंशी के पास जाकर लिखा दो.यह एफआईआर सायबर सेल थाना पटना में होगा.इसके बाद जब मैने सायबर सेल से संपर्क किया तो सायबर सेल पटना ने रोहित के शिकायत के जवाब में मेल कर बताया कि आपकी शिकायत लोकल थाना में दर्ज होगी.जब फिर मै बख़्तियारपुर थाना गया तो पुलिस गुस्सा गई और मुझे थाना से निकाल दिया गया.इसके बाद मैने सहरसा एसपी को बीते महीने की 3 फरवरी को आवेदन दे एफआईआर करने की गुहार लगाई.लेकिन फिर भी कुछ नही हुआ.

..और शुरू हुई थी इंसाफ की लड़ाई !
एटीएम फ्रॉड का शिकार हो अपनी जमा - पूंजी गंवा चुके सिमरी बख़्तियारपुर निवासी रोहित कुमार के द्वारा बख़्तियारपुर थाना को बार - बार विनती किये जाने के बावजूद थाना द्वारा एफआईआर नही किये जाने के बाद रोहित ने एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर अपनी इंसाफ की मुहिम शुरू की.जो अनवरत जारी रही.रोहित ने मानवाधिकार आयोग सहित देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया, कानून मंत्री, मुख्यमंत्री बिहार, डीजीपी बिहार, डीआईजी कोसी रेंज आदि को आवेदन दे कर उचित कार्यवाई की मांग की थी.इसके अलावे लोक शिकायत निवारण में भी एफआईआर दर्ज नही करने की शिकायत की गई थी.
हाई कोर्ट लीगल सर्विस कमिटी ने भी लिया था संज्ञान
रोहित कुमार के एकाउंट से पैसे निकाले जाने के उपरांत उसकी शिकायत दर्ज नही की जाने को लेकर पटना हाई कोर्ट  के जज को भी आवेदन दिया था.दिए आवेदन में रोहित कुमार ने कहा था कि गरीब व्यक्ति के खून - पसीने की कमाई को फ्रॉड आराम से गायब कर देते है और जब पीड़ित थाना पहुंचता है तो उसे साइबर थाना बनाम लोकल थाना में उलझा दिया जाता है.वही रोहित के आवेदन पर संज्ञान लेते हुए हाई कोर्ट लीगल सर्विस कमिटी ने डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी को पत्र लिख रोहित कुमार के मामले को देखने और मदद करने को कहा था.

एसबीआई मांग रहा था एफआईआर की छायाप्रति
जिले में इनदिनों एटीएम फ्रॉड आम हो गई है.हर रोज जिले में कही ना कही एकाउंट से पटना और दिल्ली में बैठ कर शॉपिंग कर उपभोक्ताओं के पैसे लुटे जा रहे है और जब पीड़ित उपभोक्ता इस बात की शिकायत करने नजदीकी थाना पहुंचते है तो उन्हे लौटा दिया जाता है.कभी थाना के कर्मी पीड़ित को पटना सायबर सेल तो कभी पैसे ना लौटने और संतोष कर लेने की बात कह लौटा देता है.साथ ही थाना के कर्मी हमारे इलाके का मामला नही जैसे बहाने बना पीड़ितों को परेशान कर अपना पल्ला छुड़वा लेते है.सिमरी बख्तियारपुर निवासी रोहित ने जब अपने बैंक एकाउंट से फ्रॉड के माध्यम से निकाले गए पैसों के संबंध में सिमरी बख़्तियार पुर स्टेट बैंक में शिकायत की तो एसबीआई के शाखा प्रबंधक ने लिखित रुप से एफआईआर की छायाप्रति की मांग की.वही तीन महीने बाद एफआईआर दर्ज होने पर सोमवार को रोहित ने बैंक को छाया प्रति उपलब्ध कराया.
फोटो : पीड़ित रोहित

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